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3 सीट पर बीजेपी की हार : सीख – मूल समर्थकों और कार्यकर्ताओं को न करें नाराज, मूल मुद्दों पर करें काम

3 सीट पर बीजेपी की हार : सीख – मूल समर्थकों और कार्यकर्ताओं को न करें नाराज, मूल मुद्दों पर करें काम
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बीजेपी पार्टी आज की नहीं है, इसका पहले नाम था जनसंघ – जनसंघ से बीजेपी बनी पर कोई खास सफलता कभी नहीं मिली, बीजेपी को असल  सफलता मिलनी शुरू हुई राम मंदिर के मुद्दे को हाथ में लेने पर, राम के लिए देश के हिन्दू बीजेपी के साथ जुड़ते गए, और आज बीजेपी जो कुछ भी है वो राम के ही कारण है, पर 2014 से  लेकर अबतक बीजेपी ने राम मंदिर के लिए अपनी तरफ से कोई कोशिश नहीं की है

 जनसँख्या नियंत्रण हो, धारा 370 हो, बांग्लादेशियों का मुद्दा हो, सामान नागरिक सहिता हो, ऐसे तमाम मुद्दे जो की बीजेपी के मूल मुद्दे है, जिनके कारण कार्यकर्त्ता बीजेपी से जुड़ा था, उसमे से 1 काम भी बीजेपी ने अबतक पूरा नहीं किया 

किया क्या – सबका साथ सबका विकास का नारा दिया, ट्रिपल तलाक का बिल लाये, पर इस से बीजेपी के मूल समर्थक को क्या मिला ? वो उदास होता गया होता गया, और गोरखपुर जैसी सीट जहाँ हमेशा से हिंदुत्व चला वो सीट भी बीजेपी ने गँवा दी 

गोरखपुर के अलावा फूलपुर और बिहार की एक सीट  अररिया में भी बीजेपी की हार हुई है, और बीजेपी के लिए इन नतीजों से काफी कुछ सीखने के लिए है, पहले तो आपको बता दें की गोरखपुर और फूलपुर में बीजेपी के वोटर वोट देने निकले ही नहीं वहां मात्र 44% और 37% वोटिंग हुई, बीजेपी के लिए सीखने लायक चीजे ये है 

* मोदी की चाहे जो भी लोकप्रियता हो, असल में जिस दिन चुनाव होता है उस दिन सबकुछ कर्मठ कार्यकर्त्ता पर ही निर्भर होता है, वो ही लोगों को बुला बुला कर बूथ तक लेकर जाता है की वोट डालो, गोरखपुर और फूलपुर में 44% और 37% वोट पड़े, और  बीजेपी ही हारी – साफ़ है की सपा का कार्यकर्त्ता तो अपने वोटर को बूथ तक ले गया पर बीजेपी के कार्यकर्त्ता अपने वोटर्स को बूथ तक नहीं ले गए, कार्यकर्त्ता “सबका साथ सबका विकास” से ही दुखी है, और कोई कारण नहीं है 

* मुसलमान बीजेपी को कभी भी वोट नहीं देगा चाहे जितना मर्जी कर लो विकास, बिहार की अररिया सीट पर 45% मुसलमान है, वहां बीजेपी को 30% वोट मिला है, लालू की पार्टी को 56%, और जीता है मुस्लिम उम्मीदवार, अररिया में बीजेपी को 30% जो वोट जो मिले है वो सिर्फ हिन्दुओ के ही वोट है, फूलपुर और गोरखपुर में भी उन बूथों पर बीजेपी को बहुत कम वोट मिला जहाँ पर मुस्लिम अधिक है, ट्रिपल तलाक लाकर बीजेपी मुस्लिम महिलाओं का वोट चाहती थी, भैया वो भी नहीं मिलेगा, क्यूंकि चाहे जितना मर्जी कर लो काम, ये लोग सिर्फ एक खास अजेंडे के लिए वोट देते है 

बीजेपी सबका साथ और सबका विकास बंद करे, क्यूंकि विकास तो बीजेपी सबका कर देगी पर सबका साथ मिलेगा नहीं, अपने मूल समर्थकों और कार्यकर्ताओं को नाराज न करे  बीजेपी, वोट के दिन वही काम आते है नेता का नाम नहीं !! 
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srks2110

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