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अगर हिन्दू आतंक जैसा कुछ होता तो केरल में स्वयंसेवक लोगों की मदद से पहले पूछ रहे होते गायत्री मन्त्र


हमारे देश के बुद्धिजीवी, मीडिया के लोग, सेक्युलर नेता ये सभी आरएसएस को एक आतंकवादी संगठन कहते है, अब तो ये लोग हिन्दुओ को भी आतंकवादी बताने लगे है

केरल में बाढ़ है और केरल का एक कांग्रेस सांसद है जिसका नाम है शशि थरूर, इस शख्स ने पिछले ही दिनों हिन्दुओ को तालिबानी आतंकी बताया था, संघ के प्रति सेक्युलर खेमे में इतनी नफरत है की संघ को ये दिन रात कोसते है

वैसे केरल में सेना NDRF के साथ लोगों की जान बचाते हुए सिर्फ संघ के स्वयंसेवक ही दिखाई देते है, संघ को कोसने वाले सोशल मीडिया पर संघ को कोसकर डोनेशन जमा करने में लगे है, संघ बचावकार्य में लगा है

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संघ के लोग केरल में सभी लोगों को बचा रहे है, यहाँ तक की जानवरों को भी बचा रहे है, सोशल मीडिया पर विडियो भरे हुए है जिसमे संघ के लोग बचावकार्य कर रहे है,

 

 

संघ के 2 स्वयंसेवक पी रघुनाथ और विशाल तो बचावकार्य करते हुए बलिदानी भी हो गए है, 20 हज़ार से ज्यादा संघ के स्वयंसेवक बिना किसी तनख्वाह और बिना कुछ लिए सबकी जान बचा रहे है, जानवरों तक को बचा रहे है, खाना, पानी, दवाई पहुंचा रहे है, और बलिदानी भी हो रहे है

और जो लोग संघ को आतंकी कहते है वो क्या कर रहे है और कहाँ पर है ये लेख देखिये, जो दैनिक भारत पर हमने लिखा था


संघ को आतंकी कहा जाता है, हिन्दुओ को आतंकी कहा जाता है, संघ को हिन्दुओ का आतंकी संगठन कहा जाता है, अगर सच में हिन्दू आतंक जैसा कुछ होता तो आज केरल में संघ के लोग किसी की मदद करने से पहले धर्म पूछ रहे होते, हनुमान चालीसा, गायत्री मन्त्र पूछ रहे होते

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अगर हिन्दू आतंक जैसा कुछ होता तो आज केरल में संघ के लोग किसी की मदद से पहले जय श्री राम, हर हर महादेव के नारे लगवा रहे होते, पर संघ के लोग तो केरल में इसाई मुस्लिम और जो भी मनाव है और मानव तो छोडिये जानवरों को भी बचा रहे है, नफरत फ़ैलाने वाले सिर्फ AC कमरे में सो रहे है, राहुल गाँधी शशि थरूर जैसे लोग जर्मनी घूम रहे है और संघ लोगों के प्राण बचा रहा है !

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6 Comments

  1. Praveen Sharma

    वन्दे मातरम् जय श्री राम, जय भाजपा तय भाजपा विजय भाजपा…..Har Har Mahadev….. जय जय गुरू देव, 2019 में मोदी जी आएंगे, मोदी जी लाओ देश बचाओ

  2. If the Maharashtra government has its way, the onus for implementing the Centre’s “historic” decision to fix minimum support prices (MSP) for crops at 1.5 times their average production costs will not lie with state procurement agencies.

  3. But India is an agriculture-based economy. Due to the cash crunch, the farmers especially small and marginal who largely depend on cash to buy seeds, fertilizers and to pay for sowing, borrowing water for irrigation and for other related agriculture types of equipment remained affected and could not complete the crop-related activity on time

  4. Like!! I blog frequently and I really thank you for your content. The article has truly peaked my interest.

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